जमुई 12 अगस्त:स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश को लेकर जमुई जिला मुख्यालय स्थित बुधवान तलाव से मटिया नेचर विलेज तक एक भव्य शौर्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यह आयोजन नेचर विलेज के बैनर तले किया जा रहा है और इसकी अगुवाई नेचर विलेज के संरक्षक एवं प्रसिद्ध “मसाला मैन” के नाम से जाने जाने वाले निर्भय प्रताप सिंह कर रहे हैं।
इस तिरंगा यात्रा में 1000 से अधिक मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लगभग 2000 युवा शामिल होंगे। यह यात्रा न केवल तिरंगा लहराने की एक प्रतीकात्मक रैली होगी, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम की भावना, आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा और गांवों के सतत विकास की ओर भी प्रेरित किया जाएगा।
यात्रा का मार्ग और संदेश
यात्रा बुधवन तलाव से आरंभ होकर जमुई जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों से होती हुई मटिया स्थित नेचर विलेज कार्यालय तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान रास्ते भर देशभक्ति के गीत, नारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनमानस को जोड़ा जाएगा।
निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि “स्वतंत्रता सिर्फ राजनीतिक आजादी नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य था आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण। हम इस यात्रा के ज़रिए युवाओं तक यही संदेश पहुँचाना चाहते हैं कि भारत की असली ताक़त गांवों में है, और जब गांव सशक्त होंगे तभी देश वास्तव में आत्मनिर्भर बनेगा।”
इस तिरंगा यात्रा में लक्ष्मीपुर, बरहट, खैरा गिद्धौर और झाझा प्रखंडों के सैकड़ों युवा जोश-ओ-खरोश के साथ भाग लेंगे। नेचर विलेज की टीम बीते कई दिनों से गांव-गांव जाकर युवाओं को इस आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है।
इस यात्रा को सफल बनाने के लिए निर्भय प्रताप लगातार बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, युवाओं और ग्रामिणों से संवाद कर रहे हैं। युवाओं के उत्साह और देशभक्ति को देखते हुए उम्मीद है कि यह यात्रा एक ऐतिहासिक आयोजन बनेगी।
मटिया नेचर विलेज: आत्मनिर्भरता की मिसाल
तिरंगा यात्रा का समापन मटिया नेचर विलेज के कार्यालय में होगा, जहां युवाओं को नेचर विलेज की गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। विशेष रूप से उन्हें उन महिलाओं से मिलवाया जाएगा जो पहले बीड़ी निर्माण जैसे पारंपरिक, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कार्यों में संलग्न थीं, लेकिन अब प्राकृतिक मसालों के उत्पादन और पैकेजिंग में जुटी हैं।
ये महिलाएं अब प्रतिदिन ₹200 तक की आय कमा रही हैं और एक स्वस्थ, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। यह परिवर्तन नेचर विलेज की सोच और कार्यप्रणाली का प्रमाण है, जिसे निर्भय प्रताप ने न केवल योजनाबद्ध तरीके से लागू किया, बल्कि सैकड़ों परिवारों की जिंदगी भी बदल दी।
निर्भय प्रताप की प्रेरणादायक सोच
निर्भय प्रताप सिंह, जिन्हें लोग मसाला मैन के नाम से जानते हैं, ने बताया कि यह यात्रा केवल तिरंगा लहराने या एकत्रित होने का अवसर नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है — एक जन चेतना है, जिसका उद्देश्य है युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ जोड़ना।
उनका मानना है कि आज के युवाओं में देश को बदलने की ऊर्जा और क्षमता है, बस उन्हें सही दिशा देने की ज़रूरत है। “हमारे गांव अगर सशक्त हो जाएं, महिलाएं आत्मनिर्भर बनें, तो देश की तस्वीर अपने आप बदल जाएगी,” उन्होंने कहा।
नेचर विलेज के इस प्रयास को स्थानीय समाज से भरपूर समर्थन मिल रहा है। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं, युवा सभी इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह यात्रा न केवल देश के लिए सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक होगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की एक नई शुरुआत भी।
मटिया में समापन समारोह में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिलाओं द्वारा बनाए गए मसालों की प्रदर्शनी, और युवा प्रतिभागियों के अनुभव साझा किए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में गांवों में इसी तरह के आत्मनिर्भरता आधारित कार्यक्रमों के विस्तार पर भी चर्चा होगी।
12 अगस्त को निकाली जा रही यह शौर्य तिरंगा यात्रा महज एक परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण पहल है। यह यात्रा संदेश देती है कि आजादी का असली मकसद तभी पूरा होगा जब गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, महिलाएं सशक्त होंगी, और युवा देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
नेचर विलेज और निर्भय प्रताप सिंह की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को न केवल प्रेरित करेगी बल्कि एक स्थायी परिवर्तन की नींव भी रखेगी।
जमुई से संतोष सिंह की रिपोर्ट

