जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के बलियाडीह गांव में कुछ दिनों पहले हनुमान चालीसा पाठ को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस झड़प में नगर परिषद उपाध्यक्ष नीतीश शाह समेत दर्जनभर लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद नीतीश शाह को पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इस कांड के बाद झाझा थाना में कुल 41 नामजद और 60 अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
घटना के बाद से झाझा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने घटना के दिन ही 9 प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि, अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी थी।
इस घटनाक्रम में झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार की मेहनत और पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है। उनकी अगुवाई में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया था, जो लगातार आरोपियों की खोज में जुटी थी। एसडीपीओ राजेश कुमार और उनकी टीम ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। उन्होंने मुख्य आरोपी हसन अखलाक, जो बलियाडीह कांड का मास्टरमाइंड था, को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के डोमजोर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी रात्रि में की गई और इसे जमुई पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
हसन अखलाक उर्फ अखलाक हसन, इश्तियाक अंसारी का बेटा, घटना का मुख्य आरोपी था और वह फरार था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए पश्चिम बंगाल में छापेमारी की और उसे डोमजोर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने इस गिरफ्तारी को अपनी टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी पुलिस की सफलता के एक अहम क्षण है और जल्द ही अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में झाझा पुलिस की कार्यप्रणाली को उच्च अधिकारियों द्वारा सराहा जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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