जमुई A1 : झारखंड के बोकारो जंगल में लुगू पहाड़ी पर सोमवार की सुबह सुरक्षाबलों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई। इसमें पूर्वी बिहार-पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल भाकपा माओवादी संगठन का जोनल कमांडर अरविंद यादव मारा गया। अन्य नक्सली मुठभेड़ के दौरान भाग गया है।
मृतक अरविंद यादव उर्फ अविनाश पिता जमुना यादव बिहार के जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव का रहने वाला था। वह अपने चचेरे भाई से जमीनी विवाद के बाद साल 2001 में नक्सली संगठन में शामिल हो गया था। यह अकेले भाई से लड़ाई नहीं कर पा रहा था। इसलिए मदद के लिए नक्सली संगठन से जुड़ गया।
बता दें कि अगस्त 2010 को लखीसराय के कजरा के जंगल में एक नक्सली वारदात में अरविंद शामिल था। इस घटना में नक्सलियों ने कबैया थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष फुलेना यादव समेत 6 जवानों की हत्या कर दी थी। साथ ही तीन पुलिस कर्मियों का अपहरण भी किया था।
संगठन में शामिल होने के बाद उसे पूर्वी बिहार-पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का जोनल प्रवक्ता बनाया गया। वह जमुई, लखीसराय, गिरिडीह, बांका, मुंगेर, नवादा और भागलपुर जिले में सक्रिय था। इन सभी जिलों में उसके खिलाफ दर्जनों नक्सल मामले दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार मारे गए नक्सली के खिलाफ जमुई के सोनो में 4, बरहट थाने में 45 ,चरका पत्थर थाने में 9 सहित जिले में एक सौ से अधिक नक्सल मामले दर्ज थे। जिसमें पुलिस को इसकी सालों से तलाश थी।
झारखंड DGP अनुराग गुप्ता के मुताबिक, ‘मुठभेड़ में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक भी मारा गया। अब तक कुल 8 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। घटनास्थल से एक AK सीरीज की राइफल, 1 एसएलआर, 4 इंसास राइफल कई हथियार भी बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर CRPF और जिला पुलिस के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों की नजर जवानों पर पड़ी और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी फायरिंग की है।

