जमुई, 15 मई 2025 – जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय प्रकोष्ठ से राजस्व विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गहन समीक्षा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व संग्रह, भू-राजस्व वसूली, लंबित मामलों के निष्पादन तथा भूमि विवादों के निराकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजस्व संग्रह में तेजी लाएं और लक्ष्य के अनुरूप संग्रहण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन किया जाए और सभी मामलों की गहन जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और गलत निर्णयों की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि लंबित मामले न केवल प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करते हैं बल्कि आम जनता के बीच असंतोष भी पैदा करते हैं।
बैठक के दौरान उन्होंने ई-रेवेन्यू कोर्ट की नियमित कार्यवाही सुनिश्चित करने और सभी रिपोर्ट को समय पर ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश भी दिए, ताकि जवाबदेही तय की जा सके और आम जनता को अपने मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद विधि-व्यवस्था की समस्याओं का मुख्य कारण बनते हैं, अतः राजस्व विभाग को ऐसे विवादों के निपटारे में तत्परता दिखानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अंचल स्तर पर ऑनलाइन जमाबंदी में अंतिम लगान विवरण दर्ज करने, मूल जमाबंदी से मिलान कर त्रुटियों को दूर करने, छूटे हुए जमाबंदी खातों को ऑनलाइन लाने और डिजिटाइजेशन के तहत लॉक जमाबंदी को अनलॉक करने जैसे कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी भूमि के सत्यापन और ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत चल रहे कार्यों के अंतिम निष्पादन को भी प्राथमिकता देने को कहा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देशित किया कि वे सभी अंचलों में जाकर निरीक्षण करें, प्रतिवेदन तैयार कर राजस्व शाखा को सौंपें और जहां प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। ‘अभियान बसेरा-2’ के अंतर्गत पर्चा निर्गत से जुड़े लंबित अभिलेखों के शीघ्र निष्पादन हेतु एक सप्ताह के भीतर विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षित भूमिहीन परिवारों के प्रति किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसाधारण को सुविधा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जमुई से संतोष की रिपोर्ट

