जमुई A1: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड स्थित नया गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की 15वीं पुण्यतिथि में शामिल हुए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री सुमित सिंह एवं विजय चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद सर्वप्रथम दिग्विजय सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित किए। उनकी बेटी जमुई विधायक श्रेयसी सिंह से बातचीत के बाद वे पटना के लिए वापस हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुंगेर जोन, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई जिले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। हेलिकॉप्टर लैंडिंग स्थल से 5KM की दूरी तक सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई थी। आने-जाने वालों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई।
बिहार की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह “दादा” के नाम से मशहूर रहे हैं। वहीं, उनकी पुण्यतिथि को लेकर जदयू, भाजपा सहित विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों ने राजकीय समारोह घोषित करने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि समाज और देश के लिए किए गए उनके कामों को याद करते हुए उन्हें उचित सरकारी सम्मान मिलना चाहिए।
बता दें कि दिग्विजय सिंह का सम्बन्ध गिद्धौर चंदेल राजवंश से था, लेकिन वे पूरी तरह समाजवादी विचार के थे। उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार जैसे नेताओं के साथ मिलकर बिहार की राजनीति को नई दिशा दी। 1989 में बांका से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले दिग्विजय सिंह ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और सदैव स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी।
24 जून 2010 को लंदन में ब्रेन हैमरेज के चलते उनका निधन हो गया। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी पुतुल कुमारी 2010 के उपचुनाव में बांका से लोकसभा पहुंचीं। हालांकि वे 2019 में दो बार चुनाव हार गईं। वहीं बेटी श्रेयसी सिंह ने भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। 2020 में वे भाजपा में शामिल हुईं और जमुई से पहली बार भारी मतों से विधायक चुनी गईं।

