जमुई A1 : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने कक्षा 10वीं (मैट्रिक) के रिजल्ट के साथ टॉपर का भी लिस्ट जारी कर दिया है। इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षा में जमुई जिले चकाई प्रखंड के सिमरिया गांव के रहने वाले सचिन कुमार राम ने 488 अंक हासिल कर 97.60% के साथ राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
बता दें कि सचिन के पिता रांची के एक रेस्टोरेंट में वेटर हैं और मां गुड़िया देवी घर पर बीड़ी बनाने का काम करती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद सचिन ने हार नहीं मानी। उन्होंने पांचवीं से नौवीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च जुटाया।
उत्क्रमित उच्च विद्यालय सिमरिया में शिक्षकों की कमी के बावजूद सचिन नियमित रूप से स्कूल जाते थे। ट्यूशन के बाद वे अपने चाचा दिनेश राम, जो एक सरकारी शिक्षक हैं, की देखरेख में पढ़ाई करते थे।
स्कूल के प्राचार्य जनार्दन प्रसाद के अनुसार, स्कूल में हिंदी, संस्कृत, गणित और अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। इस साल कुल 114 छात्रों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी।
दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े सचिन की मां का कहना है कि छोटी उम्र से ही उनका बेटा अपनी जिम्मेदारियों को समझता था और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देता था। कठिन परिस्थितियों में भी सचिन ने न केवल अपना बल्कि अपने स्कूल और पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
सचिन ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता, शिक्षकों और उनकी खुद की मेहनत को जाता है।
इस साल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने टॉपर्स को मिलने वाली पुरस्कार राशि दोगुनी कर दी है। टॉपर को इस बार 2 लाख रुपए मिलेंगे। पहले ये इनाम एक लाख का था। दूसरे स्थान वाले छात्र को 1.50 लाख रुपए मिलेंगे। पहले ये इनाम 75 हजार था। वहीं, तीसरे स्थान के छात्र को एक लाख रुपए मिलेंगे। पिछले बार ये इनाम 50 हजार तक का था। वहीं, चौथे से दसवें नंबर के अव्वल छात्रों को 20 हजार रुपए मिलेंगे। पहले ये इनाम 10 हजार तक था।

