जमुई A1 : जमुई में सोमवार को महिसौड़ी स्थित “सगुन वाटिका” में प्रज्ञा-प्रवाह के तत्वावधान में चित्ति, जमुई की मासिक चिंतन बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें “आपरेशन सिंदूर” की उपलब्धियाँ एवं चुनौतियों के विषय पर वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। “ऑपरेशन सिंदूर” पर प्रकाश डालते हुए तीनों भारतीय सेनाओं के शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए इसे भारत के लिए शानदार उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री के साहसी निर्णय के उपरांत आतंकवाद पर ऐसे असरदार प्रहार से पूरा पाकिस्तान थर्रा गया।
चित्ति के जिला संयोजक डा. रवीश कुमार सिंह ने कहा कि सिंदूर सुहाग का प्रतीक तो है ही साथ ही शक्ति का स्वरूप भी है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद पर किए गए जबरदस्त आक्रमण और जैश ए मुहम्मद और लश्करे तैयबा सहित आतंकवादियों के 9 ठिकानों को भारतीय सेना ने पूरी तरह से धूल में मिला दिया।
चित्ति के सह संयोजक डा. शैलेन्द्र कुमार तथा संजय कुमार सिंह ने आकाश तीर डिफेंस सिस्टम एवं एस-400 राफेल तथा पाकिस्तान के प्रभावी एयरबेस का नष्ट होने, सिंधु जल संधि रोकने सहित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
चिंतन बैठक में उपस्थित शम्भू कुमार ने देशभक से ओत-प्रोत होकर ओजस्वी कविता का पाठ किया। साथ ही सचिराज पद्माकर, लवकिशोर मिश्रा, एवं जगदीप चौहान ने भी ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धि और देश के समक्ष खड़ी चुनोतियों का सामना करने हेतु समस्त देशवासियों के एकजुट रहने की बात कही।

