जमुई (बिहार): जिले के प्रसिद्ध सर्जन डॉक्टर सूर्यनन्दन से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के देवघर बॉर्डर इलाके से चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है जिससे डॉक्टर को धमकी भरा कॉल किया गया था। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने से जिले भर में खलबली मच गई थी।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 4 जून को तब सामने आया जब डॉक्टर सूर्यनन्दन को दोपहर करीब 2 बजे एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन उठाते ही कॉल करने वाले ने कहा, “मैं देवघर जेल से परिहस्त बोल रहा हूँ। 20 लाख दो, नहीं तो जान से उड़ा देंगे।” अचानक आई इस धमकी भरी कॉल से डॉक्टर बेहद घबरा गए और उन्होंने तुरंत जिले के वरीय पुलिस अधिकारी को इसकी सूचना दी।
डॉक्टर सूर्यनन्दन की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, जब उन्होंने वापस उस नंबर पर कॉल करने की कोशिश की तो वह नंबर स्विच ऑफ मिला। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। घटना के पांच दिन बाद यानी 9 जून को दोपहर लगभग 12:45 बजे फिर से उसी नंबर से फोन आया। इस बार डॉक्टर ने पहले तो फोन नहीं उठाया लेकिन बार-बार कॉल आने के कारण वह डर गए और दोबारा वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस अधीक्षक (एसपी) मदन कुमार आनंद ने मामले को गंभीरता से लिया और एक विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के माध्यम से कॉल करने वाले नंबर की लोकेशन ट्रैक की और जल्द ही इस बात का पता लगाया कि कॉल झारखंड के देवघर बॉर्डर इलाके से की गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुए वहां से चार अपराधियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है जिससे डॉक्टर सूर्यनन्दन को धमकी दी गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने रंगदारी मांगने की बात कबूल की है। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन अपराधियों के पीछे कोई संगठित गैंग तो नहीं है और क्या इसमें जेल के अंदर से कोई सरगना इनको निर्देश दे रहा था।
एसपी मदन कुमार आनंद ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इनमें से दो आरोपियों पर पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनका स्थानीय स्तर पर कोई सहयोगी तो नहीं था जिसने डॉक्टर की जानकारी इन तक पहुंचाई।
इसके अलावा, पुलिस साइबर टीम भी इस बात की जांच कर रही है कि कॉल करने के लिए इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड और मोबाइल कहां से खरीदा गया था। मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को खंगाला जा रहा है जिससे यह जानकारी मिल सके कि इन अपराधियों ने और किन-किन लोगों से संपर्क किया था।
घटना के बाद डॉक्टर सूर्यनन्दन और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। पुलिस की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है और समय-समय पर गश्ती भी बढ़ा दी गई ह
इस घटना ने न केवल डॉक्टर समाज बल्कि आम जनता में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है। एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को सरेआम धमकी देकर रंगदारी मांगे जाने की यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि अपराधी किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों में एक हद तक भरोसा जरूर जगाया है।
पुलिस का सख्त संदेश
एसपी मदन कुमार आनंद ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के अपराध या रंगदारी की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हमारी पहली प्राथमिकता जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ऐसे मामलों में हम त्वरित कार्रवाई करेंगे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए
जमुई से संतोष की रिपोर्ट

