यूपीएससी 2024 के परिणाम में जमुई जिले की बेटी संस्कृति त्रिवेदी ने पूरे देश में अपना और जिले का नाम रोशन कर दिया है। देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 17वीं रैंक प्राप्त कर बिहार सहित पूरे भारत में सफलता का परचम लहराया है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि से जमुई जिले में उत्साह और गर्व का माहौल है।
संस्कृति त्रिवेदी एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह जमुई के विख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एस. त्रिवेदी की पौत्री हैं। उनके पिता आनंद प्रकाश त्रिवेदी, जो कि रांची स्थित मेकॉन कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर भावुक होते हुए कहा कि संस्कृति ने परिवार का ही नहीं, पूरे जमुई का सिर ऊँचा कर दिया है। उनकी मां सुनीता त्रिवेदी, एक कुशल गृहिणी हैं, जिन्होंने संस्कृति को हर कदम पर प्रेरित किया और पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया।
संस्कृति त्रिवेदी तीन भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी बड़ी बहन अधिश्री त्रिवेदी, बीटेक और एमबीए करने के बाद जॉब कर रही हैं, जबकि छोटा भाई अर्थ त्रिवेदी, देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे में अध्ययनरत है।
संस्कृति की प्रारंभिक शिक्षा रांची में हुई, जहां उन्होंने बचपन से ही अपनी मेधा का परिचय दिया। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी का रुख किया, जहां से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के प्रति उनका समर्पण शुरू से ही स्पष्ट था। वे शांत स्वभाव की, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित छात्रा रही हैं।
उनके चाचा डॉ. मिथिलेश त्रिवेदी, जो जमुई के मुंबई कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि संस्कृति बचपन से ही मेहनती और लगनशील रही है। वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखती थीं। हर परीक्षा में अव्वल आने की उनकी आदत रही है और आज यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में 17वीं रैंक लाकर उन्होंने इसे सिद्ध कर दिखाया।
संस्कृति ने यूपीएससी की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से पूरी तरह दूरी बना ली थी। उन्होंने तय दिनचर्या और रणनीति के तहत पढ़ाई की, जिससे उनका ध्यान कभी भटका नहीं। वे नियमित रूप से मॉक टेस्ट देती थीं और अपनी कमजोरियों पर विशेष ध्यान देती थीं।
इस सफलता पर पूरे जिले में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा संस्थानों तक, हर जगह संस्कृति त्रिवेदी की चर्चा हो रही है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने भी संस्कृति और उनके परिवार को ढेरों बधाइयाँ दी हैं।
अगली खबर में जानिए—संस्कृति त्रिवेदी की सफलता की रणनीति, दिनचर्या, प्रेरणास्त्रोत और उनका संदेश उन छात्रों के लिए जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।
जमुई से संतोष कुमार की रिपोर्ट

