बुधवार को जमुई के खैरा प्रखंड स्थित चुआं खेल मैदान में आयोजित एक जनसभा में, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) पर तीखा हमला बोला।न्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को “करारी शिकस्त” दी है, और अब बिहार की जनता की बारी है कि भाजपा-जदयू गठबंधन को सबक सिखाए। यादव ने कहा, “हमने अवध में भाजपा को हराया था, अब मगध से भी हटाएंगे।” यह संकेत था कि सपा-गठबंधन बिहार में भी परिवर्तन की लहर लाना चाहता है।स सभा का आयोजन था राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशियों शमशाद आलम (जमुई विधानसभा) एवं उदयनारायण चौधरी (सिकंदरा विधानसभा) के समर्थन में। इस अवसर पर अखिलेश ने भाजपा-जदयू पर कई मोर्चों से प्रहार कियाउन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने बिहार में मात्र 17 महीनों में बेरोजगार युवाओं को नौकरी-संदर्भित अवसर दिए थे, लेकिन भाजपा इस उपलब्धि से डर गई और सरकार बदल दी। उन्होंने भाजपा की नोटबंदी, चंदाखोरी तथा इलेक्टोरल बांड जैसी विवादित नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि “सबसे बड़े नोटों के बंडल … कहां से निकले, यह सबको पता है।” उन्होंने वादा किया कि अगर सत्ता में आए तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम आधे कर दिए जाएंगे।अखिलेश ने इस सभा में दोनों मुख्यमंत्रियों को भी निशाने पर लियाउन्होंने यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा कि उनकी सरकार ने सपा के समय की छात्र-हित योजनाओं (जैसे लैपटॉप योजना) बंद कर दीं। इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा जिस व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी, वह खुद जानता है कि अब बन नहीं सकेगा — इसलिए वह दूसरों के गले में माला डालता रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के रोड शो में नीतीश की गैर-मौजूदगी को इस बात का संकेत कहा कि भाजपा ने उन पर भरोसा खो दिया है।
reported by santosh

